Mastek ने अपने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹105.7 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू **3.4%** बढ़कर **₹1,018.7 करोड़** तक पहुंच गया है। सैलरी हाइक और ESOPs के चलते मार्जिन पर थोड़ा दबाव जरूर दिखा है, लेकिन कंपनी अब 'AI-led' ग्रोथ मॉडल पर दांव लगा रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी बेहतर टॉप-लाइन प्रदर्शन दिखाया है। अगर डॉलर के टर्म में देखें तो रेवेन्यू 2.4% की तिमाही आधार पर बढ़त के साथ $107.3 मिलियन रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 14.4% पर स्थिर रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 100 बेसिस पॉइंट्स कम है।
मार्जिन पर दबाव क्यों?
कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में कमी की बड़ी वजह एनुअल सैलरी इंक्रीमेंट और ESOP कॉस्ट रही है, जिसका असर 190 बेसिस पॉइंट्स तक पड़ा। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि AI-आधारित प्रोडक्टिविटी से इन खर्चों को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी ने आने वाले समय में मार्जिन को कम से कम 160 बेसिस पॉइंट्स तक रिकवर करने का लक्ष्य रखा है।
ऑपरेशंस और भविष्य की रणनीति
Mastek अब पूरी तरह से 'AI-नेटिव' सर्विस मॉडल पर फोकस कर रही है, जहां कुल डील्स में 40% से ज्यादा हिस्सेदारी AI से जुड़ी है। UK मार्केट में 4.1% की ग्रोथ देखी गई है, जो फाइनेंशियल सर्विसेज की मजबूत डिमांड का नतीजा है।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
ऑर्डर बुक में थोड़ी सुस्ती चिंता का विषय है। नॉर्थ अमेरिका में प्रोजेक्ट्स की देरी और UK में पॉलिसी रिव्यू के कारण 12-महीने का बैकलॉग 7.7% गिर गया है। साथ ही, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल अस्थिरता पर भी निवेशकों को नजर बनाए रखनी होगी।
फिलहाल, कंपनी UK में 100 मिलियन पाउंड से बड़ी डील्स के लिए बिडिंग कर रही है। इन बड़ी डील्स को हासिल करना और मार्जिन रिकवरी कंपनी के भविष्य के लिए सबसे अहम रहेगा।
