MPS Limited ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर **₹194.44 करोड़** से बढ़कर **₹224.29 करोड़** हो गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। जहाँ एक ओर रेवेन्यू में 15% से अधिक का उछाल देखने को मिला है, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹55.45 करोड़ के मुकाबले थोड़ा घटकर ₹52.10 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने पिछली तिमाही के ₹224.24 करोड़ रेवेन्यू के मुकाबले इस बार भी स्थिरता बनाए रखी है।
बोर्ड के अहम फैसले और गवर्नेंस
कंपनी ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर दिव्या वर्मा की री-अपॉइंटमेंट को मंजूरी दे दी है। उनका दूसरा 5 साल का कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होगा, जो अब शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। साथ ही, कंपनी ने SEBI के नियमों के मुताबिक अपने इनसाइडर ट्रेडिंग और प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन कोड को अपडेट किया है, ताकि कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और मजबूत किया जा सके।
आगे क्या है बड़ा ट्रिगर?
निवेशकों की नजरें अब 4 नवंबर, 2026 की तारीख पर टिकी हैं। इस दिन NCLT में ADI BPO Services Limited के मर्जर को लेकर सुनवाई होनी है। यह कंपनी की कॉर्पोरेट स्ट्रक्चरिंग के लिए एक बड़ा घटनाक्रम है। अभी तक के नतीजों में इस मर्जर का कोई अकाउंटिंग इम्पैक्ट शामिल नहीं है, इसलिए आने वाली सुनवाई स्टॉक के लिए काफी अहम साबित हो सकती है।
