ट्रैवल प्लेटफॉर्म Ixigo की पेरेंट कंपनी Le Travenues Technology को टैक्स विभाग से **₹23.79 करोड़** का नोटिस मिला है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर **2022-23** के दौरान पैसेंजर ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर लागू GST रेट से जुड़ा है। कंपनी ने इसे गलत बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।
मामला क्या है?
बेंगलुरु के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ कमर्शियल टैक्सेस ने Le Travenues Technology को एक शो-कॉज नोटिस जारी किया है। इस डिमांड में ₹13.75 करोड़ का टैक्स, ₹8.67 करोड़ का इंटरेस्ट और ₹1.38 करोड़ की पेनल्टी शामिल है, जिसका कुल योग ₹23.79 करोड़ बनता है।
क्यों मचा है बवाल?
विवाद टैक्स क्लासिफिकेशन का है। कंपनी अपनी पैसेंजर ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर 5% GST का भुगतान कर रही है (HSN 996422 के तहत)। वहीं, टैक्स अधिकारियों का तर्क है कि चूंकि कंपनी अन्य आईटी और एडवरटाइजिंग सर्विसेज भी देती है जिन पर 18% GST लगता है, इसलिए ट्रांसपोर्टेशन पर भी यही रेट लागू होना चाहिए।
पुरानी जीत से उम्मीद
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि यह नोटिस गलत आधार पर है। अक्टूबर 2025 में भी ऐसा ही ₹3.05 करोड़ का नोटिस आया था, जिसे कंपनी ने सफलतापूर्वक खारिज करवा दिया था। कंपनी अब उसी पुरानी दलील और कानूनी सलाह के साथ इस नए नोटिस का जवाब तैयार कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन कानूनी मामलों में अनिश्चितता बनी रहती है। अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो इससे कंपनी के कैश फ्लो और प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाली अगली एक्सचेंज फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए।
