Latent View Analytics ने Q1 FY27 में **₹2,868.76 मिलियन** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने **सुश्री सोनल रामरखियानी** को **1 अगस्त, 2026** से नया CEO नियुक्त किया है। हालांकि, DPPL अधिग्रहण के भुगतान को लेकर चल रहा कानूनी विवाद निवेशकों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है।
Latent View Analytics की Q1 FY27 नतीजों पर एक नज़र
Latent View Analytics लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,868.76 मिलियन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹2,360.23 मिलियन से ज़्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट आई है और यह ₹471.03 मिलियन रहा, जो पिछले साल Q1 FY26 में ₹505.62 मिलियन था।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव और AI में निवेश
कंपनी ने नेतृत्व के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सुश्री सोनल रामरखियानी को 1 अगस्त, 2026 से नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और की मैनेजेरियल पर्सनल (KMP) नियुक्त किया गया है। रामरखियानी आईटी सेल्स और ऑपरेशंस लीडरशिप में 24 साल से ज़्यादा का अनुभव रखती हैं। इसके अलावा, कंपनी ने Healtheon AI Inc. में ₹279.98 मिलियन (USD 3 मिलियन) का स्ट्रैटेजिक निवेश भी किया है, जिसका मकसद हेल्थकेयर रेवेन्यू साइकिल मैनेजमेंट के लिए Agentic-AI फ्रेमवर्क में कदम रखना है।
DPPL अधिग्रहण का कानूनी विवाद: असली चिंता
इन सकारात्मक खबरों के बीच, DPPL अधिग्रहण से जुड़ा एक बड़ा कानूनी विवाद कंपनी के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। कंपनी ने इस विवाद के लिए ₹708.48 मिलियन का प्रोविजन किया है, लेकिन DPPL के सेलिंग शेयरहोल्डर्स ₹2,219 मिलियन की मांग कर रहे हैं। अगर कंपनी यह केस हार जाती है, तो उसे काफी बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है। यह कानूनी पेंच निवेशकों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है।
