Larsen & Toubro का बड़ा कदम: डेटा सेंटर बिजनेस अब नई कंपनी Vyoma.AI के तहत, ₹1,400 करोड़ का हुआ वैल्यूएशन

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Larsen & Toubro का बड़ा कदम: डेटा सेंटर बिजनेस अब नई कंपनी Vyoma.AI के तहत, ₹1,400 करोड़ का हुआ वैल्यूएशन

Larsen & Toubro (L&T) अपने डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज के कारोबार को एक नई सब्सिडियरी, Vyoma.AI में ट्रांसफर कर रही है। इस डील का अनुमानित वैल्यूएशन **₹1,400 करोड़** है। इस स्ट्रैटेजिक मूव का मकसद टेक्नोलॉजी वर्टिकल को अलग कर उस पर फोकस बढ़ाना है।

Larsen & Toubro के ऑपरेशंस में बड़ा बदलाव

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज में एक बड़ा पुनर्गठन (Restructuring) करने का ऐलान किया है। कंपनी अपने डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज के पूरे बिजनेस को एक नई सब्सिडियरी, Vyoma.AI Limited, में ट्रांसफर करेगी।

इस डील्स के तहत, L&T अपने डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस को ₹1,400 करोड़ के स्लम सेल (Slump Sale) वैल्यूएशन पर Vyoma.AI को बेचेगी। इसके साथ ही, कंपनी अपनी दूसरी सब्सिडियरी L&T Network Services Private Limited (LTNSPL) में अपनी पूरी हिस्सेदारी ₹30 करोड़ में Vyoma.AI को बेच देगी। इन दोनों ट्रांजैक्शंस का सेटलमेंट Vyoma.AI के इक्विटी शेयर्स के जरिए किया जाएगा।

यह रीस्ट्रक्चरिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

इस कदम का मुख्य उद्देश्य L&T के टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड सर्विसेज के लिए एक समर्पित और फोकस्ड वर्टिकल बनाना है। इन एसेट्स को अलग करने से L&T अपने डेटा सेंटर और क्लाउड ऑपरेशंस को बेहतर ढंग से स्केल कर पाएगी और इस स्पेशलाइज्ड सेक्टर में ग्रोथ के नए अवसरों का फायदा उठा सकेगी।

निवेशकों के लिए, यह मुख्य रूप से एक इंटरनल ऑर्गनाइजेशनल रीस्ट्रक्चरिंग है। कंपनी ने साफ किया है कि ये सभी डील्स आर्म्स लेंथ बेसिस पर की जा रही हैं और कंपनी अधिनियम के तहत शेयरहोल्डर अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि Vyoma.AI 'अंडरटेकिंग' की निर्धारित सीमा को पूरा नहीं करती। चूंकि कंसीडरेशन इक्विटी शेयर्स में है, इसलिए L&T की कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल पोजीशन पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ेगा।

आगे क्या होगा?

Vyoma.AI अब L&T के डेटा सेंटर और क्लाउड ऑपरेशंस का मुख्य केंद्र बनेगी। LTNSPL, Vyoma.AI की पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरी बन जाएगी। ये सभी ट्रांजैक्शंस 31 अक्टूबर, 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है, जो कि कुछ क्लोजिंग कंडीशंस को पूरा करने पर निर्भर करेगा।

ध्यान रखने योग्य बातें

बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) और शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) दोनों ही कुछ क्लोजिंग कंडीशंस पर निर्भर हैं। इसके अलावा, फाइनल ट्रांजैक्शन वैल्यूज क्लोजिंग के समय एडजस्टमेंट के अधीन हो सकती हैं।

इंडस्ट्री में कौन हैं कम्पटीटर?

भारत में कई बड़े समूह और टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने डेटा सेंटर फुटप्रिंट का विस्तार कर रही हैं। Reliance Industries और Adani Enterprises जैसी कंपनियां भी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही हैं। L&T का यह कदम उसे इस सेगमेंट में सीधे प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करता है।

वित्तीय आंकड़े

  • डेटा सेंटर बिजनेस: फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अनुमानित रेवेन्यू ₹36.6 करोड़ है, और इसी अवधि के लिए नेट वर्थ ₹1,142 करोड़ है।
  • LTNSPL: 31 मार्च, 2026 तक का टर्नओवर ₹1.86 करोड़ है, और नेट वर्थ ₹18.31 करोड़ है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को 31 अक्टूबर, 2026 की टारगेट कंप्लीशन डेट तक की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज सेक्टर में Vyoma.AI की ऑपरेशनल प्लानिंग और ग्रोथ स्ट्रेटेजीज के बारे में कंपनी की भविष्य की घोषणाओं पर भी ध्यान देना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.