Ksolves India का FY26 में जलवा, रेवेन्यू पहुंचा ₹162 करोड़ के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Ksolves India का FY26 में जलवा, रेवेन्यू पहुंचा ₹162 करोड़ के पार

Ksolves India ने FY26 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **18.4%** बढ़ाकर **₹162.67 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी अब पूरी तरह से 'AI-फर्स्ट' रणनीति पर शिफ्ट हो गई है, हालांकि नई तकनीक और टैलेंट में भारी निवेश के चलते नेट प्रॉफिट **₹34.33 करोड़** पर स्थिर रहा।

AI-फर्स्ट रणनीति पर फोकस

कंपनी ने इस साल एक बड़ा मील का पत्थर पार करते हुए ₹150 करोड़ के वार्षिक रेवेन्यू का आंकड़ा पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के कामकाज में बड़ा बदलाव आया है, जहां अब 80% से ज्यादा एक्टिव प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल हो रहा है। मैनेजमेंट ने 50 एंटरप्राइज-ग्रेड AI एजेंट्स तैयार किए हैं, जो एविएशन, फाइनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में बड़ी डील हासिल करने में मदद करेंगे।

मुनाफे पर दबाव क्यों?

रेवेन्यू में शानदार उछाल के बावजूद नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹34.32 करोड़ के मुकाबले लगभग स्थिर रहकर ₹34.33 करोड़ पर रहा। इसका मुख्य कारण कंपनी का आक्रामक निवेश है, जो वर्कफोर्स डेवलपमेंट और ग्लोबल फुटप्रिंट बढ़ाने पर किया गया है। साथ ही, कंपनी 16% के एट्रिशन रेट (Attrition Rate) को संभालने के लिए लगातार टैलेंट रिटेंशन पर खर्च कर रही है।

निवेशकों के लिए खास बातें

कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए साल भर में कुल ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है।

आगे की राह और रिस्क

निवेशकों को अब 26 सितंबर, 2026 को होने वाली 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर नजर रखनी चाहिए। इस मीटिंग में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स सुषमा सामर्थ और विनीत कृष्णा की दोबारा नियुक्ति पर वोटिंग होगी। हालांकि, IT सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा और कुछ प्रोसीजरल लैप्स (जैसे XBRL फाइलिंग में देरी) को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.