Kernex Microsystems ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **76%** बढ़कर **₹88.24 करोड़** और रेवेन्यू **126%** की छलांग के साथ **₹430.22 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Kernex Microsystems ने अपनी 34वीं एनुअल रिपोर्ट में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹189.77 करोड़ के मुकाबले 126.7% बढ़कर ₹430.22 करोड़ हो गई है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 76.3% का भारी इजाफा दर्ज किया गया है, जो ₹88.24 करोड़ रहा।
क्यों खास है यह ग्रोथ?
कंपनी की कामयाबी के पीछे भारतीय रेलवे का 'कवच' (Train Collision Avoidance System) प्रोजेक्ट सबसे बड़ा कारण है। Kernex ने CLW के साथ ₹2,465.70 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है, जिसमें से 44% यूनिट्स की सप्लाई पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, साउथ ईस्टर्न, सदर्न, वेस्टर्न और वेस्ट सेंट्रल रेलवे से भी कंपनी को अहम ऑर्डर्स मिले हैं।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपने गवर्नेंस को मजबूत करते हुए चार डायरेक्टर्स को फिर से नियुक्त किया है और श्रीमती रेणुका रानी चडलवाड़ा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड में शामिल किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
रिपोर्ट में तीन मुख्य बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
- रेगुलेटरी स्टेटस: प्रमोटर की हिस्सेदारी पूरी तरह डीमटेरियलाइज्ड न होने के कारण स्टॉक फिलहाल 'ट्रेड-टू-ट्रेड' कैटेगरी में है।
- लीगल केस: कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ ₹15.18 करोड़ के बकाये को लेकर आर्बिट्रेशन चल रहा है, जिसके लिए ₹20.36 करोड़ का प्रोविजन किया गया है।
- ऑडिटर्स की टिप्पणी: वर्किंग कैपिटल लिमिट के लिए इन्वेंट्री रिपोर्टिंग में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं, जिसे अकाउंटिंग टाइमलाइन से जोड़ा गया है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कवच प्रोजेक्ट के बचे हुए माइलस्टोन्स को कैसे पूरा करती है और कोंकण रेलवे विवाद का समाधान क्या निकलता है।
