KS Smart Technologies ने अपने कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को **₹165 करोड़** से बढ़ाकर **₹175 करोड़** कर दिया है और **$50 मिलियन** तक फंड जुटाने की मंजूरी दी है।
बड़े विस्तार की तैयारी
कंपनी ने 11 सितंबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में दो बड़े फैसले लिए हैं। पहला, ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल में ₹10 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। दूसरा, कंपनी अब भविष्य के विकास और ऑपरेशंस के लिए $50 मिलियन (करीब ₹420 करोड़ के आसपास) तक की राशि जुटाएगी।
फंड जुटाने का तरीका और लचीलापन
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए कई रास्ते खुले रखे हैं। इसमें FCCBs (फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स), ECBs (एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स) और वारंट्स जैसे विकल्प शामिल हैं। इससे मैनेजमेंट को मार्केट की स्थिति के हिसाब से ग्लोबल या घरेलू मार्केट से पैसा उठाने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
ये फैसले अभी फाइनल नहीं हैं। अब कंपनी को पोस्टल बैलट के जरिए शेयरहोल्डर्स से जरूरी मंजूरी लेनी होगी।
- निवेशकों के लिए चुनौती: यदि कंपनी नए शेयर या वारंट जारी करती है, तो इससे मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी यानी इक्विटी डाइल्यूट (Dilute) हो सकती है।
- करेंसी रिस्क: फॉरेन करेंसी में फंड लेने से कंपनी पर विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है, जो बैलेंस शीट के लिए रिस्की हो सकता है।
अब निवेशकों को कंपनी द्वारा पोस्टल बैलट के नोटिस का इंतजार करना चाहिए, जिसमें फंड जुटाने की शर्तें और टाइमलाइन साफ होगी।
