KFin Technologies ने APMI के साथ मिलकर 'InPro' लॉन्च किया है, जो PMS इंडस्ट्री के लिए एक सेंट्रलाइज्ड एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और कंप्लायंस प्लेटफॉर्म है।
बाजार की बदलती तस्वीर
KFin Technologies ने मुंबई में आयोजित APMI के तीसरे सालाना सम्मेलन में 'InPro' को पेश किया। इस प्लेटफॉर्म को SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। यह कदम PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) सेक्टर में कंप्लायंस के मानकों को पूरी तरह से बदलने वाला है।
कैसे काम करेगा यह प्लेटफॉर्म?
यह प्लेटफॉर्म एक यूनिफाइड एनवायरनमेंट की तरह काम करेगा, जिसमें AML स्क्रीनिंग, कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग और केस मैनेजमेंट की सुविधा मिलेगी। इसकी मदद से कंपनियां ग्लोबल सैंक्शंस, भारतीय डिबारमेंट लिस्ट और PEP (Politically Exposed Person) डेटाबेस की जांच आसानी से कर सकेंगी। इसमें 'मेकर-चेकर' (Maker-Checker) वर्कफ़्लो और ऑडिट ट्रेल जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जो रेगुलेटरी रिपोर्टिंग को बेहद सरल बना देंगे।
KFintech के लिए क्या हैं मौके?
इस साझेदारी के साथ, KFin Technologies ने खुद को एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के एक जरूरी 'टेक्नोलॉजी बैकबोन' के रूप में स्थापित कर लिया है। छोटे और बुटीक पोर्टफोलियो मैनेजर्स, जिनके पास अपना खुद का AML सिस्टम बनाने के संसाधन नहीं थे, उन्हें अब एक कॉमन टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मिल जाएगा। इससे कंपनी का B2B फुटप्रिंट और भी मजबूत होगा और रेवेन्यू के नए रास्ते खुलेंगे।
रिस्क और आगे क्या?
हालांकि सब कुछ सही दिख रहा है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। बड़ी और स्थापित फर्मों को अपने पुराने सिस्टम से इस नए प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कराना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, पूरे मार्केट को कवर करते समय प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी और अपटाइम को मेंटेन रखना भी जरूरी होगा। निवेशकों को अब यह देखना चाहिए कि कितनी तेजी से APMI के सदस्य इस नई व्यवस्था को अपनाते हैं और भविष्य में इसमें कौन से नए फीचर्स जुड़ते हैं।
