Just Dial के सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का नेट रेवेन्यू **13.1%** बढ़कर **₹342.82 करोड़** पहुंच गया, वहीं बढ़ते खर्चों के चलते नेट प्रॉफिट **9.7%** गिरकर **₹107.81 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी ने सितंबर तिमाही में शानदार डिमांड के चलते 13.1% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन कमाई का गणित बिगड़ने की असली वजह 'ऑपरेटिंग कॉस्ट' है। पिछले साल की समान अवधि के ₹229.36 करोड़ के मुकाबले कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹262.81 करोड़ हो गया है।
बड़ा बोझ: एम्प्लॉई कॉस्ट
मुनाफे पर सबसे ज्यादा दबाव एम्प्लॉई बेनिफिट खर्चों की वजह से पड़ा है। ये खर्च बढ़कर ₹208.67 करोड़ पर पहुंच गए हैं, जो पिछले साल ₹183.72 करोड़ थे। इसी बढ़ोतरी ने कंपनी के मार्जिन को संकुचित कर दिया है।
इक्विटी और अन्य बदलाव
Just Dial ने स्टॉक ऑप्शन के कन्वर्जन के जरिए 4,375 नए शेयर जारी किए हैं। इसके बाद कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹85.05 करोड़ हो गई है।
निवेशकों के लिए सलाह
भले ही टॉप-लाइन ग्रोथ (रेवेन्यू) मजबूत दिख रही हो, लेकिन मार्केट की नजरें अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर हैं। कंपनी किस तरह से अपने खर्चों, खासकर मैनपावर लागत को नियंत्रित करती है, वही आने वाले समय में स्टॉक की चाल तय करेगा।
