Izmo Ltd ने FY26 के लिए अपना अब तक का सबसे अधिक कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **₹284.88 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी अपने डिजिटल ऑटोमोटिव बिजनेस से मिलने वाले कैश का इस्तेमाल अब सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में निवेश के लिए कर रही है।
धमाकेदार वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने FY26 में ₹284.88 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो साल-दर-साल आधार पर 26.8% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कंपनी का EBITDA 36% बढ़कर ₹52.09 करोड़ हो गया है, जबकि मार्जिन सुधरकर 18.3% पर पहुंच गए हैं। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹47.56 करोड़ रहा है।
क्यों खास हैं ये नतीजे?
बीते साल के मुनाफे में प्रॉपर्टी बिक्री से मिले ₹30.53 करोड़ शामिल थे, लेकिन इस बार का मुनाफा कंपनी के मुख्य बिजनेस, यानी 'डिजिटल इंटेलिजेंस' वर्टिकल की मजबूती से आया है। कंपनी का कर्ज केवल ₹3.57 करोड़ है, जो इसे भविष्य की बड़ी योजनाओं के लिए एक मजबूत बैलेंस शीट देता है।
रणनीतिक बदलाव और भविष्य की राह
बोर्ड ने व्यावसायिक कारणों से कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) से वॉलंटरी डीलिस्टिंग का फैसला लिया है, हालांकि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि BSE और NSE पर शेयर पहले की तरह एक्टिव रहेंगे। कंपनी अब 'Izmo Microsystems' के जरिए सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और सिलिकॉन फोटोनिक्स में बड़े दांव लगा रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को कंपनी के 'क्लाइंट कंसंट्रेशन' पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि बिजनेस कुछ बड़े ऑटोमोटिव OEMs पर निर्भर है। साथ ही, 93% रेवेन्यू विदेशी मुद्रा में आने के कारण करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर भी नतीजों पर दिख सकता है। आने वाले समय में सेमीकंडक्टर सेगमेंट में कंपनी की प्रगति और एग्जीक्यूशन ही भविष्य की वैल्यू तय करेगा।
