Ishaan Infrastructures and Shelters Ltd ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी अब कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट से हटकर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम रखेगी, जिसके लिए वह **₹70 करोड़** तक की फंड जुटाने की तैयारी कर रही है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब इसका मुख्य फोकस इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और घरेलू इस्तेमाल वाले इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग पर होगा।
फंड जुटाने की तैयारी
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में अपनी नई पारी शुरू करने के लिए कंपनी ने ₹70 करोड़ तक का लोन लेने और निवेश करने की लिमिट तय की है। यह रकम कंपनी को नई प्रोडक्शन यूनिट्स लगाने या अधिग्रहण (Acquisition) करने में मदद करेगी।
AGM में क्या होगा फैसला?
कंपनी के बोर्ड ने यह फैसला तो ले लिया है, लेकिन अंतिम मुहर 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स के जरिए लगेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में कंपनी एक्ट के सेक्शन 180(1)(c) के तहत कर्ज लेने की शक्तियों पर वोटिंग होगी।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
यह कदम कंपनी को एक पारंपरिक कंस्ट्रक्शन फर्म से मैन्युफैक्चरिंग इकाई में बदल देगा। हालांकि, एक बिल्कुल नए सेक्टर में उतरने के कारण इसके सामने 'एग्जीक्यूशन रिस्क' भी होगा। निवेशकों को अब कंपनी की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट रोडमैप और प्लांट सेटअप की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए।
