IntraSoft Technologies ने FY 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **5.3%** बढ़कर **₹534.22 करोड़** रहा। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी के विलय और नई लीडरशिप टीम की घोषणा की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
IntraSoft Technologies ने FY 2026 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹507.19 करोड़ से बढ़कर ₹534.22 करोड़ हो गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 4.7% की वृद्धि के साथ ₹13.28 करोड़ रहा, जिसे फाइनेंस कॉस्ट में 54.9% की भारी कटौती का बड़ा सहारा मिला। हालांकि, कंपनी के लिए चिंता की बात यह है कि EBITDA में 9.5% की गिरावट आई है और यह ₹17.18 करोड़ पर आ गया है।
बड़ा बदलाव: कंपनी का विलय
बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी 'One Two Three Greetings (India) Private Limited' के पैरेंट कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, जिसका मुख्य मकसद ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना है।
मैनेजमेंट और लीडरशिप में बदलाव
कंपनी में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। मोहित झा के इस्तीफे के बाद शरद कजारिया को नया CFO नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, पूनम लुहारुका को नई कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेयरधारकों ने अरविंद कजारिया को मैनेजिंग डायरेक्टर और शरद कजारिया को होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 3 साल के लिए फिर से नियुक्त करने पर मुहर लगा दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
इन्वेस्टर्स को EBITDA में गिरावट और ऑपरेटिंग कैश फ्लो में आई कमी पर नजर रखनी चाहिए। अब मार्केट की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सब्सिडियरी विलय के बाद कंपनी अपने मार्जिन को स्थिर कर पाती है या नहीं।
