Intense Technologies ने FY26 के नतीजों में **₹15.65 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी को **₹31.65 करोड़** के एक्सेप्शनल चार्जेज की मार झेलनी पड़ी, हालांकि इंटरनेशनल मार्केट में कंपनी की रेवेन्यू **66%** बढ़ी है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
Intense Technologies के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 उतार-चढ़ाव भरा रहा। कंपनी, जो पिछले साल ₹16.32 करोड़ का मुनाफा कमा रही थी, इस बार ₹15.65 करोड़ के नेट लॉस में आ गई है। कंपनी का रेवेन्यू भी 16.3% गिरकर ₹125.43 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ₹31.65 करोड़ का 'नॉन-कैश एक्सेप्शनल चार्ज' है, जिसमें ₹18.40 करोड़ डाउटफुल रिसीवेबल्स और ₹13.25 करोड़ प्रोडक्ट इंपेयरमेंट के लिए रखे गए हैं।
राहत की बात: कैश फ्लो और इंटरनेशनल ग्रोथ
नुकसान के आंकड़ों के बावजूद कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो सुधरकर ₹23.53 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा, इंटरनेशनल सब्सिडियरी का रेवेन्यू 66.2% की शानदार रफ्तार से बढ़ा है। अब कंपनी का कुल इंटरनेशनल रेवेन्यू 32.3% हो गया है, जो पहले 16.3% था।
बड़ा बदलाव: नेतृत्व और रणनीति
कंपनी अब बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। फाउंडर C.K. Shastri के पद छोड़ने के बाद कंपनी अब 'हेडकाउंट-लेड' मॉडल से हटकर 'प्लेटफॉर्म-लेड' मॉडल की ओर बढ़ रही है। मैनेजमेंट का पूरा फोकस अब UniServe सूट और DPDP Governance प्लेटफॉर्म को BFSI और सरकारी सेक्टर में मजबूती से उतारने पर है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी का नया प्लेटफॉर्म-लेड बिजनेस मॉडल रेवेन्यू में कितनी तेजी लाता है। FY27 में कंपनी की वापसी कितनी दमदार होती है, यह उनके इंटरनेशनल मार्केट में प्रदर्शन और नए प्लेटफॉर्म की अडॉप्शन पर निर्भर करेगा।
