IT दिग्गज Infosys के Q2 FY27 नतीजों में मिले-जुले संकेत दिखे हैं। कंपनी ने **1.5%** की रेवेन्यू ग्रोथ और **$5.2 बिलियन** की बड़ी डील्स हासिल की हैं, लेकिन रिटेल और हाई-टेक सेक्टर में सुस्ती के कारण पूरे साल के लिए ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर **1%-2%** कर दिया गया है।
मुनाफे और डिविडेंड का गणित
कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी यानी 'प्रोजेक्ट मैक्सिमस' के दम पर ऑपरेटिंग मार्जिन को 21% के स्तर पर बरकरार रखा है। हालांकि सैलरी बढ़ोतरी का दबाव जरूर दिखा, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़ा और EPS (अर्निंग्स पर शेयर) ₹19.32 पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 8.7% की बढ़त है। साथ ही, बोर्ड ने प्रति शेयर ₹26 के डिविडेंड का ऐलान किया है।
क्यों बदली गाइडेंस?
भले ही कंपनी ने पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे बड़ी डील वैल्यू ($5.2 बिलियन) हासिल की है, लेकिन मैनेजमेंट ने सालाना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 1.5%-3% से घटाकर 1%-2% कर दिया है। इसके पीछे मुख्य वजह रिटेल और हाई-टेक सेक्टर में क्लाइंट्स का कम खर्च (Discretionary Spending) और यूरोप की एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग डील का बाहर होना है।
AI का तड़का
Infosys के लिए AI का कारोबार एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। कंपनी का 'Topaz' प्लेटफॉर्म तेजी से डिमांड पकड़ रहा है। फिलहाल AI का योगदान कंपनी के कुल रेवेन्यू में 10.5% हो गया है, जिसमें तिमाही दर तिमाही 29% की शानदार ग्रोथ देखी गई है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
अगले कुछ महीनों में निवेशकों की नजरें कंपनी की नई $2 बिलियन की फाइनेंशियल सर्विसेज डील पर होंगी, जिसका असर FY28 में दिखने की उम्मीद है। साथ ही, 20,000 फ्रेशर्स को हायर करने की योजना और 21% के मार्जिन को बनाए रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
