Infonative Solutions के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू **6.2%** बढ़ा है, वहीं नेट प्रॉफिट **52%** घटकर **₹2.85 करोड़** रह गया है। इसके अलावा, कंपनी ने **5 लाख** शेयरों के नए ESOP स्कीम और नई CFO ज़रीन अनीस की नियुक्ति का ऐलान किया है।
मुनाफे पर लागत का भारी दबाव
Infonative Solutions के नतीजों में टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन के बीच बड़ा अंतर दिखा है। कंपनी की कुल आय 11% बढ़कर ₹24.63 करोड़ रही, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे की कमर तोड़ दी। एम्प्लॉई बेनिफिट कॉस्ट बढ़कर ₹15.17 करोड़ हो गई और ऑपरेटिंग खर्च दोगुने से ज्यादा होकर ₹4.47 करोड़ पर पहुंच गए। नतीजतन, कंपनी का EPS (Earnings Per Share) पिछले साल की तुलना में 64.7% गिर गया है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी के बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों ने मार्जिन पर भारी दबाव डाला है। इसके अलावा, कंपनी अब 5,00,000 नए इक्विटी शेयरों की ESOP स्कीम लाने की तैयारी में है, जिससे भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) का रिस्क बढ़ सकता है, जिसका असर मौजूदा शेयरहोल्डर्स पर पड़ सकता है।
लीडरशिप में बड़े बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर कंपनी ने बड़ी हलचल की है। निखिल जैन के इस्तीफे के बाद ज़रीन अनीस ने 4 दिसंबर, 2025 से CFO का पद संभाला है। वहीं, 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 28वीं AGM में योगेश गोयल को फिर से डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने पर मुहर लग सकती है।
आगे क्या रखें ध्यान?
अब निवेशकों की नजरें आगामी AGM पर हैं। वहां ESOP स्कीम पर शेयरहोल्डर्स की वोटिंग और ₹15 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन पर चर्चा काफी अहम होगी। कंपनी का नया मैनेजमेंट खर्चों को कैसे मैनेज करता है, यह मुनाफे की रिकवरी के लिए तय करेगा।
