Indus Towers ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर **2.7%** बढ़कर **₹17.9 बिलियन** पर पहुंच गया है, जबकि कुल रेवेन्यू **₹85.2 बिलियन** रहा।
शानदार रही दूसरी तिमाही
सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी संतुलित रहा है। कंपनी ने 2,900 नए मैक्रो टावर्स और 7,900 नए को-लोकेशंस जोड़े हैं, जिससे टेनेंसी रेशियो (Tenancy Ratio) बढ़कर 1.63 पर पहुंच गया है। कंपनी का EBITDA ₹46.3 बिलियन दर्ज किया गया है, और मार्जिन में 80 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखा गया है, जो अब 54.4% है।
मार्जिन सुधार के पीछे की रणनीति
कंपनी ने अपने एनर्जी खर्च को कंट्रोल करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 49,000 साइट्स पर सोलर सॉल्यूशंस का इस्तेमाल और लिथियम-आयन बैटरी को बढ़ावा देने से लागत में कमी आई है। साथ ही, अफ्रीका के जाम्बिया और युगांडा में टावर डिप्लॉयमेंट से कंपनी को नए रेवेन्यू सोर्सेस मिलते दिख रहे हैं।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
हालांकि कंपनी के पास मजबूत कैश पोजीशन है, लेकिन फिलहाल शेयर बायबैक या InvIT को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया है। कंपनी का मुख्य फोकस फिलहाल बुनियादी ढांचे के विस्तार और लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स पर है।
आगे क्या है रडार पर?
अगले कुछ महीनों में नाइजीरिया में कंपनी अपने विस्तार की योजना पर काम करेगी, जो तीसरी तिमाही के लिए महत्वपूर्ण है। निवेशकों को कंपनी की कैश एलोकेशन रणनीति और अफ्रीका ऑपरेशंस के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
