Indian Infotech & Software: कंपनी की धमाकेदार वापसी! FY26 में हुआ ₹1.38 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू में **62.6%** की उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Infotech & Software: कंपनी की धमाकेदार वापसी! FY26 में हुआ ₹1.38 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू में **62.6%** की उछाल
Overview

Indian Infotech & Software ने FY26 में बड़ा उलटफेर करते हुए पिछले साल के नुकसान से निकलकर **₹1.38 करोड़** का मुनाफा कमाया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) **62.6%** बढ़कर **₹64.11 करोड़** पर पहुंच गया। ऑडिटर ने भी नतीजों पर सहमति जताई है।

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Indian Infotech & Software Ltd: FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ के दम पर शानदार वापसी

Indian Infotech & Software Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों के साथ निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। पिछले साल हुए नुकसान के बाद, कंपनी ने इस बार ₹1.38 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले लगभग 62.6% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।

क्या हुआ?

Indian Infotech & Software Ltd ने FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी को ₹1.38 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ है, जबकि FY25 में ₹6.92 करोड़ का घाटा था। ऑपरेशन से होने वाली आय (Revenue from operations) FY26 में बढ़कर ₹64.11 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹39.43 करोड़ थी। कंपनी के ऑडिटर, M/s ADV and Associates, ने भी इन नतीजों पर अनमॉडिफाईड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है, जिसका मतलब है कि वित्तीय विवरण सही तस्वीर पेश करते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह फाइनेंशियल टर्नअराउंड कंपनी और इसके शेयरधारकों के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है। रेवेन्यू में हुई यह भारी बढ़ोतरी कंपनी की बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और बाजार में उसकी स्वीकार्यता को दर्शाती है। प्रॉफिट (Profit) में वापसी और एक क्लीन ऑडिट रिपोर्ट कंपनी की विश्वसनीयता और वित्तीय सेहत को मजबूत करती है।

कहानी की पृष्ठभूमि

FY25 में कंपनी घाटे में चल रही थी। नए नतीजों से पता चलता है कि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है, जिसमें कुल इनकम FY26 में ₹39.43 करोड़ से बढ़कर ₹64.11 करोड़ हो गई है। घाटे से मुनाफे में यह बदलाव बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को दिखाता है।

अब क्या बदलेगा?

इन पॉजिटिव नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। कंपनी ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (Related Party Transactions) को मंजूरी दे दी है। अगर ग्रोथ की यह रफ्तार बनी रहती है, तो शेयरधारकों को भविष्य में अधिक स्थिर वित्तीय आउटलुक (Financial Outlook) की उम्मीद कर सकते हैं।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

ऑडिटर्स ने यह भी नोट किया है कि ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables), ट्रेड पेएबल्स (Trade Payables), और एडवांसेज/डिपॉजिट्स (Advances/Deposits) कन्फर्मेशन और रीकॉन्सीलिएशन (Reconciliation) के अधीन हैं। इससे भविष्य में वित्तीय आंकड़ों में कुछ एडजस्टमेंट (Adjustments) हो सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं। हालांकि मैनेजमेंट का मानना ​​है कि इससे कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना नहीं है, लेकिन ये कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liabilities) बनी हुई हैं जिन पर नजर रखने की जरूरत है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को ट्रेड रिसीवेबल्स और पेएबल्स के रीकॉन्सीलिएशन (Reconciliation) के साथ-साथ लंबित मुकदमों के विकास पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को बनाए रखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.