Indian Infotech & Software Ltd ने अपनी 44वीं AGM से पहले बोर्ड में बड़े गवर्नेंस बदलाव और वित्तीय सीमाओं में इजाफे का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कर्ज लेने और निवेश करने की क्षमता को बढ़ाकर **₹500 करोड़** करना चाहती है।
फाइनेंशियल सीमाओं में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी आगामी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले बोर्ड मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कंपनी अब अपनी कर्ज लेने की क्षमता के साथ-साथ निवेश, लोन और गारंटी की सीमाओं को भी बढ़ाकर ₹500 करोड़ करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी ने मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के लिए ₹250 करोड़ की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया है।
क्यों है यह फैसला अहम?
इन सीमाओं को बढ़ाए जाने का सीधा मतलब यह है कि कंपनी आने वाले समय में बड़े विस्तार या पूंजी निवेश (Capital Deployment) की तैयारी कर रही है। हालांकि, इन फैसलों पर अंतिम मुहर शेयरधारकों को लगानी होगी। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ओवरसाइट के लिए M/s. SSRV and Associates को नया स्टैच्युटरी ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है, जो अगले 5 साल तक कंपनी के खातों की देखरेख करेंगे।
लीडरशिप और गवर्नेंस में नया जोश
बोर्ड ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से Mr. Yatin Vilas Chaphekar को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में शामिल करने का फैसला किया है। साथ ही, अगले 3 साल के लिए Heneel Shah & Associates को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
अब निवेशकों की नजर कहां?
कंपनी की 44वीं AGM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी, जिसमें Mr. Brajesh Gupta स्क्रूटिनाइजर की भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को अब ई-वोटिंग के नतीजों पर पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि इन फैसलों से कंपनी की बैलेंस शीट और वित्तीय क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा।
