IZMO Ltd की सब्सिडियरी izmo Microsystems ने IIT Madras के साथ एक बड़ी साझेदारी की है। **₹99.94 करोड़** के इस प्रोजेक्ट का मकसद AI और डेटा सेंटर के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी तैयार करना है, जिसमें कंपनी खुद **₹2.40 करोड़** का निवेश करेगी।
क्या है यह डील?
IZMO Ltd की सब्सिडियरी izmo Microsystems ने IIT Madras के साथ मिलकर CPPICS Phase II (SPECTRA) प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस 5 साल लंबे प्रोग्राम को MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) का सपोर्ट मिला है। प्रोजेक्ट का कुल आउटले ₹99.94 करोड़ है, जिसमें कंपनी ₹2.40 करोड़ का योगदान देगी।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
आज के समय में AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए हाई-स्पीड डेटा की जरूरत बढ़ गई है। यह प्रोग्राम 1.6 Tbps ऑप्टिकल इंजन्स और को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स (CPO) जैसी तकनीकों को लैब से निकालकर कमर्शियल प्रोडक्शन तक ले जाने पर केंद्रित है। IZMO का मुख्य काम रिसर्च और कमर्शियल एप्लीकेशन के बीच एक सेतु (Bridge) की तरह काम करना होगा।
क्या है रिस्क और आगे का रास्ता?
यह एक लॉन्ग-टर्म R&D प्रोजेक्ट है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इसका फायदा तुरंत मुनाफे के रूप में नहीं बल्कि लंबी अवधि में कंपनी की वैल्यू और तकनीकी क्षमता बढ़ने के तौर पर दिखेगा। भविष्य में कंपनी की 100+ IP blocks के डेवलपमेंट और ट्रांससीवर इंजन्स के कमर्शियल उत्पादन पर नजर रखना जरूरी होगा।
