Hypersoft Technologies ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **₹36.14 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे अमेरिका में नई ब्रांच और विदेशों में हुए अधिग्रहणों से बड़ी मदद मिली है। हालांकि, मुनाफे के साथ-साथ कुछ रेगुलेटरी चुनौतियां भी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं।
मुनाफे में जबरदस्त इजाफा
कंपनी के सालाना प्रदर्शन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹8.05 करोड़ से बढ़कर ₹36.14 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹20.64 लाख से छलांग लगाकर ₹2.92 करोड़ पर पहुंच गया है।
ग्लोबल विस्तार का असर
रेवेन्यू में इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका में नई ब्रांच का खुलना और सिंगापुर व ऑस्ट्रेलिया में की गई अधिग्रहण (Acquisition) डील है। कंपनी ने NX Global Pte. Ltd. और Nexus Innovate Pte. Ltd. को शेयर-स्वैप के जरिए खरीदा है। इस विस्तार के चलते कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल भी ₹42.52 लाख से बढ़कर ₹844.52 लाख हो गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी अलर्ट
नतीजों के अलावा निवेशकों को कुछ रिस्क फैक्टर्स पर भी गौर करना चाहिए:
- RBI की स्क्रूटनी: कंपनी ने माना है कि उसने बिना पूर्व मंजूरी के अपनी नेट वर्थ से 400% से ज्यादा का विदेशी निवेश किया है, जिसके लिए RBI की मंजूरी अभी पेंडिंग है।
- प्रमोटर स्टेटस में बदलाव: कंपनी की अगली AGM में प्रमोटर सुधाकर वर्मा यरामराजू को 'प्रमोटर' कैटेगरी से हटाकर 'पब्लिक' कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
मुख्य आंकड़े (Context Metrics)
- नेट प्रॉफिट मार्जिन: बढ़कर 8.09% (पिछले साल 2.56% था)
- बेसिक EPS: ₹1.76
- US ब्रांच का योगदान: ₹15.39 करोड़
