Highness Microelectronics ने अपने मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। रबाले और गोवा में अपनी नई फैसिलिटीज के जरिए कंपनी अब कंपोनेंट ट्रेडिंग से हटकर हाई-वैल्यू इंडिजिनस प्रोडक्शन पर फोकस कर रही है।
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिली नई उड़ान
Highness Microelectronics ने SEMICON India 2026 में अपनी नई क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। कंपनी ने रबाले में एक स्पेशलाइज्ड ग्लास-कटिंग लाइन शुरू की है और गोवा में एक इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का विकास कर रही है। इन कदमों का मुख्य उद्देश्य आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है।
क्यों खास है यह बदलाव?
कंपनी अब महज असेंबली से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रही है। इसके लिए कंपनी Chip-on-Glass (CoG) और Film-on-Glass (FoG) जैसी एडवांस बॉन्डिंग तकनीकों को अपना रही है। यह रणनीति कंपनी को एवियोनिक्स, मेडिकल इमेजिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे हाई-रिलायबिलिटी सेक्टर्स में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद करेगी।
ग्लोबल मार्केट पर नजर
दुबई और ऑस्ट्रेलिया में सफल प्रोजेक्ट्स के बाद, कंपनी अब अमेरिका के ट्रांजिट मार्केट में अपनी एंट्री की तैयारी कर रही है। अक्टूबर में शिकागो में आयोजित होने वाली APTA TRANSform & EXPO 2026 में कंपनी अपने सॉल्यूशंस पेश करेगी।
रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि कंपनी का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन भविष्य की ग्रोथ पूरी तरह से गोवा प्लांट के समय पर शुरू होने पर निर्भर है। निवेशकों को इस नए प्लांट के प्रोडक्शन रैम्प-अप और यूएस मार्केट से मिलने वाले संभावित ऑर्डर्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सप्लाई चेन में कोई भी देरी प्रोडक्शन टाइमलाइन को प्रभावित कर सकती है।
