Hexaware Technologies ने अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने अपनी 2024 ESOP पॉलिसी में बदलाव किए हैं और नई 2026 RSU स्कीम पेश की है, जिसके तहत **20 लाख** RSU जारी किए जाएंगे। अब इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मुहर का इंतजार है।
बड़े बदलावों की तैयारी
Hexaware Technologies के बोर्ड ने 2 सितंबर, 2026 को हुई मीटिंग में अपनी नई कर्मचारी प्रोत्साहन (Incentive) नीति पर मुहर लगा दी है। कंपनी ने 'Hexaware ESOP Plan 2024' में सुधार किए हैं और साथ ही 'Hexaware Restricted Stock Unit Plan 2026' को लॉन्च किया है। इसके अलावा, कंपनी ने SEBI की गाइडलाइंस का पालन करते हुए पेड-अप कैपिटल के 1% से ज्यादा के ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
क्यों अहम है यह कदम?
इस फैसले का सीधा मकसद कंपनी के बेहतरीन टैलेंट को लंबे समय तक रोके रखना है। इन स्कीम्स को 'Hexaware Employees Benefit Trust' के जरिए लागू किया जाएगा, जिससे कंपनी को शेयर वितरण में लचीलापन (Flexibility) मिलेगा। कंपनी या तो नए शेयर जारी कर सकती है या फिर सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीदकर कर्मचारियों को आवंटित कर सकती है।
स्कीम की बारीकियां
- कुल RSU: 20 लाख यूनिट्स।
- कन्वर्टिबिलिटी: हर एक RSU बदले में 1 इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹1) में कन्वर्ट होगा।
- वेस्टिंग पीरियड: कम से कम 1 साल का लॉक-इन होगा।
आगे क्या होगा?
अब इन बदलावों को अंतिम मंजूरी के लिए शेयरधारकों के पास भेजा जाएगा। कंपनी इसके लिए पोस्टल बैलट (Postal Ballot) प्रक्रिया का इस्तेमाल करेगी। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की आधिकारिक नोटिस का इंतजार करें, जिसमें पूरी टाइमलाइन और वित्तीय प्रभाव की विस्तृत जानकारी होगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि यह रिटेंशन के लिए अच्छा है, लेकिन लंबी अवधि में इससे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का खतरा हो सकता है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी शेयरों का इंतजाम कैसे करती है—क्या वह बाजार से शेयर खरीदेगी या नए शेयर जारी करेगी। इसका असर सीधे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के प्रॉफिट पर पड़ सकता है।
