Happiest Minds Technologies का शानदार FY26 प्रदर्शन
Happiest Minds Technologies ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹2,315.11 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के ₹2,060.84 करोड़ की तुलना में 12.3% अधिक है। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 15.1% बढ़कर ₹212.62 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹184.66 करोड़ था।
क्या है खास?
कंपनी के नतीजे इसके निरंतर विकास को दर्शाते हैं। रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई है। बोर्ड ने ₹3.65 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्या है बैकस्टोरी?
Happiest Minds ने अपने मुख्य सेगमेंट्स, खासकर PDES (डिजिटल प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विसेज) और IMSS (इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट एंड सिक्योरिटी सर्विसेज) पर फोकस किया है, जो रेवेन्यू में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। GBS (ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज) सेगमेंट का भी इसमें योगदान रहा। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹2,060.84 करोड़ और प्रॉफिट ₹184.66 करोड़ था।
क्या होगा अब?
शेयरधारकों को ₹3.65 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा, जो AGM में मंजूरी के अधीन है। ये नतीजे कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार को और मजबूत करते हैं। हालांकि, लेबर कोड में बदलावों से संबंधित ₹22.03 करोड़ के एकमुश्त असाधारण मद (exceptional item) का भी कंपनी के नतीजों पर असर पड़ा है, लेकिन यह गैर-आवर्ती (non-recurring) है।
किन बातों पर रखें नज़र?
लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी से जुड़े ₹22.03 करोड़ के एक असाधारण मद को दर्ज किया गया है। निवेशकों को इसे एक बार का प्रभाव मानना चाहिए जिसने मौजूदा नतीजों को प्रभावित किया है।
