HCL Technologies ने बेंगलुरु में **40,000 वर्ग फुट** में फैले अपने नए एडवांस सेमीकंडक्टर लैब की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी ने **₹185 करोड़** का निवेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पोस्ट-सिलिकॉन इंजीनियरिंग और हाई-मार्जिन वाले सेक्टरों में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
हाई-टेक लैब की ताकत\n\nइस नई फैसिलिटी में 25,000 वर्ग फुट का स्पेशलाइज्ड क्लीनरूम एरिया है, जिसे क्लास 10K और 1K की रेटिंग दी गई है। यह लैब अब इलेक्ट्रिकल वैलिडेशन, ऑटोमेटेड टेस्टिंग और फेल्योर एनालिसिस जैसी सर्विसेज के जरिए चिप बनाने वाली कंपनियों को एंड-टू-एंड सपोर्ट देगी।\n\n### 'Spec2Parts' मॉडल पर दांव\n\nकंपनी अपने 'Spec2Parts' बिजनेस मॉडल को और विस्तार दे रही है, ताकि डिजाइनिंग से लेकर फाइनल चिप पार्ट तक का काम एक ही छत के नीचे हो सके। इस लैब के लिए Teradyne, Advantest और Keysight जैसे ग्लोबल लीडर्स की एडवांस मशीनों का इस्तेमाल किया गया है।\n\n### भविष्य की तैयारी और चुनौतियां\n\nकंपनी अब ISO 17025, ISO 9001, AS 9100 और ISO 13485 जैसे ग्लोबल सर्टिफिकेशन्स पर काम कर रही है। ये मानक एयरोस्पेस, डिफेंस और मेडिकल डिवाइस जैसे रेगुलेटेड सेक्टरों में काम करने के लिए अनिवार्य हैं।\n\nहालांकि, निवेशकों को यह देखना होगा कि HCLTech कितनी तेजी से नए क्लाइंट्स को इस लैब के जरिए जोड़ पाती है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच, कंपनी का मार्जिन कितना सुधरता है, यह आने वाली अर्निंग्स कॉल्स में साफ हो पाएगा।