HCKK Ventures: FY26 में क्यों हुआ ₹0.98 करोड़ का घाटा?
फाइनेंशियल ईयर 2026 HCKK Ventures के लिए मायूसी भरा रहा। कंपनी ने पिछले साल के ₹0.22 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले इस बार ₹0.98 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ₹0.70 करोड़ का मर्जर विड्रॉल राइट-ऑफ (Merger Withdrawal Write-off) है। दरअसल, कंपनी का सॉफ्टलिंक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (Softlink Global Pvt Ltd) और आईवॉल्व होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (Ivolve Holdings Pvt Ltd) के साथ मर्जर का प्लान कैंसल हो गया, जिसका सीधा असर कंपनी के नतीजों पर पड़ा।
रेवेन्यू में 68% की भारी गिरावट
सिर्फ मर्जर का कैंसल होना ही कंपनी के लिए मुसीबत नहीं बना, बल्कि इसके ऑपरेशंस से होने वाली कमाई यानी रेवेन्यू (Revenue) में भी 67.9% की भारी गिरावट दर्ज की गई। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू घटकर सिर्फ ₹0.15 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹0.47 करोड़ था।
निगेटिव कैश फ्लो से बढ़ी चिंता
नुकसान और गिरते रेवेन्यू के बीच कंपनी का ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश फ्लो (Net Cash from Operating Activities) भी निगेटिव ₹0.43 करोड़ रहा। यानी कंपनी को अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए भी नकदी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। FY26 में कंपनी का कैश लॉस (Cash Loss) ₹0.72 करोड़ रहा।
आगे क्या?
कंपनी के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती गिरते रेवेन्यू को रोकना और वापस मुनाफे में आना है। मर्जर का कैंसल होना दिखाता है कि कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ (Inorganic Growth) की रणनीति में बदलाव आया है। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट के अगले कदमों और बिजनेस स्ट्रेटेजी पर रहेंगी।
