Gyftr Limited (पूर्व में LKP Finance) ने शानदार बदलाव दिखाते हुए **₹21.81 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने NBFC का लाइसेंस सरेंडर कर दिया है और अब पूरी तरह डिजिटल रिवॉर्ड्स प्लेटफॉर्म बन गई है।
बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का असर
कंपनी ने अपने पुराने NBFC मॉडल से पूरी तरह नाता तोड़ते हुए डिजिटल गिफ्ट वाउचर के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹396.36 करोड़ रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पिछले साल महज ₹1.82 करोड़ था, अब उछलकर ₹21.81 करोड़ तक पहुंच गया है। इसका EPS यानी अर्निंग पर शेयर ₹3.16 दर्ज किया गया है।
AGM की खास बातें
29 सितंबर, 2026 को होने वाली 42वीं AGM में मैनेजमेंट Vouchagram India और Mufin Green Finance के साथ बड़े ट्रांजैक्शंस को मंजूरी दिलाने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी ने भले ही ग्रोथ दिखाई हो, लेकिन ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर सवाल उठाए हैं:
- अनकन्फर्म्ड लेंडर बैलेंस: लगभग ₹35.97 करोड़ का हिसाब अभी स्पष्ट नहीं है।
- कानूनी विवाद: DRAT में ₹21.22 करोड़ के क्लेम का मामला फंसा है, जिसमें कंपनी पहले ही ₹11.26 करोड़ प्रोटेस्ट के तौर पर जमा कर चुकी है।
फिलहाल कंपनी के पास 55 लाख से ज्यादा कंज्यूमर्स हैं और यह 400+ ब्रांड्स के साथ काम कर रही है, जिसका नेट वर्थ ₹485.23 करोड़ है।
