Gravity India Ltd ने FY26 में शानदार टर्नअराउंड दिखाते हुए **₹12.85 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अब डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर बिजनेस में कदम रखने जा रही है, जिसके लिए **₹90 करोड़** का QIP लाने की तैयारी है।
बड़े बदलाव की तैयारी
Gravity India Ltd अपनी आगामी 39वीं AGM (25 सितंबर, 2026) में अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलने का प्रस्ताव पेश करेगी। कंपनी अब पारंपरिक काम छोड़कर डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में उतरने की योजना बना रही है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार के लिए कंपनी ₹90 करोड़ जुटाने के लिए QIP लाने जा रही है।
शानदार फाइनेंशियल टर्नअराउंड
कंपनी के हालिया नतीजे काफी प्रभावशाली रहे हैं। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू उछलकर ₹179.75 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि FY25 में यह महज ₹1.97 करोड़ था। पिछले साल ₹2.01 करोड़ के घाटे से निकलकर कंपनी इस बार ₹12.85 करोड़ के मुनाफे में आई है।
बोर्ड में फेरबदल और ऑडिटर्स
AGM में लीडरशिप में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कोमल पटेल के इस्तीफे के बाद अंकित गोयल बोर्ड में शामिल होंगे। इसके अलावा, एमडी और सीईओ मुकेश परमार तथा ईडी और सीएफओ कुलदीपसिंह राठौड़ की नियुक्तियों को नियमित किया जाएगा। कंपनी ने M/s AVKAS & Co. को 5 वर्षों के लिए अपना वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) बनाने का प्रस्ताव रखा है।
रिस्क फैक्टर
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का पिछला राइट्स इश्यू SEBI के 90% सब्सक्रिप्शन नियम के कारण विफल रहा था, जिसके बाद उसे रद्द कर दिया गया था। साथ ही, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में उतरना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए कंपनी के एग्जीक्यूशन पर नजर रखना जरूरी होगा।
