Genesys International Corporation Ltd के FY26 के नतीजे सामने आए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट **₹32.80 करोड़** रहा, जो पिछले साल **₹56.10 करोड़** था। हालांकि रेवेन्यू **5.39%** बढ़कर **₹327.81 करोड़** हो गया है, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला है। अब कंपनी अपना कर्ज घटाने पर जोर दे रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के सालाना नतीजों में ऑपरेशनल विस्तार और बॉटम-लाइन पर दबाव साफ नजर आया है। हालांकि कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5.39% की बढ़त के साथ ₹327.81 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट में 41.53% की भारी गिरावट दर्ज की गई। स्टैंडअलोन बिजनेस में भी रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में कमी देखने को मिली है, जिसका मुख्य कारण बढ़ता ऑपरेशनल खर्च है।
कर्ज कम करने की तैयारी
जियोस्पेशियल और डिजिटल ट्विन सेक्टर की बड़ी कंपनी Genesys अब अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने में जुट गई है। बोर्ड ने QIP से मिले अनयूटिलाइज्ड फंड में से ₹40 करोड़ को कर्ज चुकाने के लिए डायवर्ट करने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी को सालाना ₹3.20 करोड़ के ब्याज की बचत होने की उम्मीद है।
नए स्कीम्स और ग्रोथ प्लान
टैलेंट को रिटेन करने के लिए कंपनी ने 'Genesys ESOP Scheme 2026' शुरू की है, जिसके तहत 30 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, अगस्त 2026 में कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए ₹125.37 करोड़ जुटाए हैं। ये पूंजी टाटा मोटर्स के साथ मैपिंग कॉन्ट्रैक्ट और म्युनिसिपल डिजिटल ट्विन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में काम आएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को अभी कंपनी के मार्जिन दबाव पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, अदानी ग्रुप के एयरपोर्ट मैपिंग और ADAS हाईवे कवरेज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और रिस्क मैनेजमेंट पर आने वाले समय में नजर रखना जरूरी होगा।
