G-Tech Info-Training Ltd ने अपने FY26 के नतीजों में बेहद मामूली कमाई दर्ज की है। कंपनी फिलहाल ट्रेडिंग सस्पेंशन का सामना कर रही है और गंभीर लिक्विडिटी संकट के साथ-साथ गवर्नेंस से जुड़ी बड़ी खामियां भी सामने आई हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ग्रॉस सेल्स मात्र ₹0.1163 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹0.0986 करोड़ थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹0.0052 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹0.0072 करोड़ था। कंपनी पर अभी भी ₹0.2226 करोड़ का घाटा (Accumulated Losses) बना हुआ है।
क्यों बढ़ी हैं मुश्किलें?
कंपनी फिलहाल शेयर बाजार में सस्पेंड है। इसकी मुख्य वजह है गंभीर लिक्विडिटी संकट, जिसके कारण कंपनी FY 2023-24 और 2024-25 की सालाना लिस्टिंग फीस तक नहीं भर पाई है। इसके अलावा, BSE ने कंपनी पर ₹1,01,480 की पेनाल्टी लगाई है, क्योंकि कंपनी ने अभी तक कंपनी सेक्रेटरी या कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति नहीं की है।
गवर्नेंस में बड़ी खामियां
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के कामकाज में कई गंभीर कमियां हैं:
- CEO और CFO जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कोई नियुक्ति नहीं हुई है।
- जरूरी MCA फाइलिंग्स, जैसे कि फॉर्म INC-22A, पूरी नहीं की गई हैं।
- SEBI LODR रेगुलेशंस के हिसाब से वेबसाइट का रखरखाव भी नियमों के दायरे में नहीं है।
- प्रमोटर होल्डिंग्स अभी तक पूरी तरह से डीमैटरियलाइज (Dematerialized) नहीं हुई हैं।
मैनेजमेंट का रुख और निवेश जोखिम
मैनेजमेंट का कहना है कि वे नई नियुक्तियों की तलाश कर रहे हैं और पेनाल्टी माफी के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए ट्रेडिंग सस्पेंशन और मैनेजमेंट की कमी बड़े रेड फ्लैग्स हैं। भविष्य में रेगुलेटरी कार्रवाई का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए कंपनी की ऑपरेशनल वायबिलिटी पर सवालिया निशान लगा है।
