Fourth Generation Information Systems: भारी घाटे में डूबी कंपनी, Auditors ने दी चेतावनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Fourth Generation Information Systems: भारी घाटे में डूबी कंपनी, Auditors ने दी चेतावनी

Fourth Generation Information Systems के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद मुश्किल भरा रहा। कंपनी को **₹78.88 लाख** का बड़ा नेट लॉस हुआ है, जिसके बाद ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिगड़े हुए फाइनेंशियल हालात

कंपनी के सालाना नतीजों के मुताबिक, इस बार रेवेन्यू मात्र ₹0.08 लाख रहा, जबकि कुल खर्च ₹78.97 लाख तक पहुंच गया। पिछले साल भी कंपनी को ₹84.82 लाख का नुकसान हुआ था।

कर्ज और ऑडिटर्स की चेतावनी

कंपनी के ऊपर ₹472.03 लाख के टर्म लोन का डिफॉल्ट है। इनमें से कुछ भुगतान तो 730 दिनों से भी ज्यादा पुराने हैं। ऑडिटर्स ने साफ कहा है कि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे इसके भविष्य पर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है।

ऑपरेशनल और रेगुलेटरी मुश्किलें

  • GSM का साया: कंपनी के शेयरों पर 'ग्रेडेड सर्विलांस मेजर्स' (GSM) की कड़ी पाबंदियां लागू हैं।
  • NSDL की कार्रवाई: सालाना कस्टोडियल फीस जमा न करने के कारण NSDL ने कंपनी की बेनपोज़ (Benpose) गतिविधियों को रोक रखा है।
  • स्टैच्युटरी देनदारी: कंपनी पर ₹13.60 लाख का TDS बकाया है, जो रिकवरी की राह में बड़ी बाधा है।

बोर्ड में बदलाव

कंपनी के बोर्ड में भी फेरबदल हुआ है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर संतोष रेड्डी श्रीपति ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि पद्मिनी बिरदार को एडिशनल डायरेक्टर और सोनाक्षी अग्रवाल को कंपनी सेक्रेटरी व कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है। मैनेजमेंट ने मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा और फंड जुटाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आगे का आउटलुक 'सावधान' (Cautious) रखा है।

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