Finelistings Technologies के सितंबर 2026 तक के छमाही नतीजों में दबाव साफ दिखा है। कंपनी का रेवेन्यू गिरकर **₹4.08 करोड़** रह गया है, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹1.48 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे और रेवेन्यू का हाल
सितंबर 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए कंपनी ने अपने अन-ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹4.54 करोड़ था, जो अब घटकर ₹4.08 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी का नेट लॉस भी पिछले साल के ₹1.19 करोड़ से बढ़कर अब ₹1.48 करोड़ हो गया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
IPO फंड्स का स्टेटस
एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने मई 2024 के IPO से जुटाए गए ₹12.43 करोड़ के फंड का इस्तेमाल पूरी तरह से नियमों के अनुसार किया है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि सॉफ्टवेयर खरीद और वर्किंग कैपिटल के खर्च में कोई बदलाव (Deviation) नहीं हुआ है। फिलहाल, जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए एस्क्रो (Escrow) अकाउंट में ₹8.21 लाख की राशि बची है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को कैसे स्टेबल करती है और आगे रेवेन्यू में सुधार लाने के लिए क्या कदम उठाती है। बढ़ते नुकसान के कारण आने वाली तिमाहियों के नतीजे कंपनी के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
