E2E Networks ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए कमर कस ली है। कंपनी ₹1,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने और अपने उधारी (Borrowing) की सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी।
बड़े विस्तार की तैयारी
कंपनी आगामी 28 सितंबर, 2026 को अपनी 17वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित करने जा रही है। इस मीटिंग में शेयरधारकों के सामने एक इनेबलिंग रिजोल्यूशन रखा जाएगा, जिसके तहत QIP, राइट्स इश्यू या FPO के जरिए ₹1,500 करोड़ जुटाने की योजना है। इसके साथ ही, भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर और अधिग्रहणों के लिए उधारी सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
क्यों दिख रहा है नेट लॉस?
FY 2025-26 में कंपनी को ₹15.57 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। मैनेजमेंट का तर्क है कि यह नुकसान भारी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के कारण हुए बड़े डेप्रिसिएशन (Depreciation) खर्चों की वजह से है। कंपनी अब इसी एसेट-हेवी मॉडल पर दांव लगाकर भविष्य में विकास की राह देख रही है।
मैनेजमेंट और सैलरी पर अपडेट
कंपनी ने कठिन वित्तीय वर्ष के बावजूद अपने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को दी गई ₹3.19 करोड़ की अतिरिक्त सैलरी (Excess Remuneration) को माफ करने का अनुरोध किया है। साथ ही, 1 सितंबर, 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर और होल-टाइम डायरेक्टर्स की सैलरी में भारी इजाफा किया गया है।
L&T के साथ साझेदारी में तेजी
E2E Networks ने Larsen & Toubro (L&T) के साथ अपने को-लोकेशन एग्रीमेंट को और मजबूत किया है। इसके तहत सालाना ट्रांजेक्शन लिमिट को ₹30 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
मौजूदा निवेशकों को इस फंडरेजिंग से होने वाले 'इक्विटी डाइल्यूशन' (Equity Dilution) पर नजर रखनी चाहिए। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस भारी कर्ज और पूंजी का इस्तेमाल कर मुनाफे की पटरी पर कैसे वापसी करती है।
