E2E Networks ने 'Blaze' नाम से नई पे-पर-टोकन (pay-per-token) इन्फरेंस सर्विस पेश की है। कंपनी अपनी सोवेरिन AI क्षमता को बढ़ाकर **14.6 MW** करने की तैयारी कर रही है ताकि बैंकिंग और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों को हाई-परफॉर्मेंस AI सपोर्ट मिल सके।
नई सर्विस से कंपनी को क्या फायदा?
E2E Networks ने 'Blaze' लॉन्च कर एक नया रेवेन्यू मॉडल तैयार किया है। यह सर्विस ओपन-वेट AI मॉडल्स के लिए है और OpenAI-compatible API का उपयोग करती है। इससे डेवलपर्स वॉयस प्रोसेसिंग, कोडिंग एजेंट्स और डॉक्यूमेंट AI जैसे हाई-टेक काम आसानी से कर पाएंगे। कंपनी का मकसद भारत में डेटा होस्टिंग यानी 'सोवेरिन कंप्यूट' के जरिए बैंकिंग और हेल्थकेयर जैसे संवेदनशील सेक्टरों को अपनी ओर खींचना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर का बड़ा विस्तार
कंपनी ने अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए आक्रामक कदम उठाए हैं:
- 1,024-GPU NVIDIA Blackwell क्लस्टर पहले से ही मई 2026 से चालू है।
- कंपनी 5.4 MW की अतिरिक्त Blackwell-बेस्ड क्षमता जोड़ रही है, जिसमें HGX B300 सिस्टम शामिल हैं।
- इन सब के साथ कंपनी की कुल टारगेट क्षमता 14.6 MW तक पहुंच जाएगी।
इन जोखिमों पर रखें नज़र
हालांकि यह विस्तार बड़ा है, लेकिन निवेशकों को दो चीजों पर गौर करना चाहिए: पहला, Blaze सर्विस को मार्केट में कितनी तेजी से अपनाया जाता है और दूसरा, हार्डवेयर सप्लाई चेन का मैनेजमेंट। ग्लोबल लेवल पर हाई-एंड हार्डवेयर की किल्लत के बीच, 5.4 MW की इस नई क्षमता को समय पर चालू करना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस नए प्लेटफॉर्म पर कितने क्लाइंट्स को ऑनबोर्ड कर पाती है और इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम कितनी जल्दी पूरा होता है।
