E2E Networks Limited की 17वीं Annual General Meeting में बड़े फैसलों पर चर्चा हुई। कंपनी QIP और राइट्स इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने और उधारी सीमा बढ़ाने की तैयारी में है।
क्या है कंपनी की रणनीति?
कंपनी ने 10 अहम प्रस्तावों पर विचार किया है, जिनमें पूंजी जुटाने के लिए QIP या राइट्स इश्यू जैसे विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी अपनी उधारी सीमा (borrowing powers) को भी बढ़ाने पर विचार कर रही है, जो भविष्य में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की ओर इशारा करता है।
मैनेजमेंट और बोर्ड के फैसले
मीटिंग में एमडी Tarun Dua ने कंपनी के परफॉरमेंस की समीक्षा की। साथ ही, Srishti Baweja और Megha Raheja समेत टॉप मैनेजमेंट की सैलरी में बदलाव के प्रस्ताव पर भी शेयरधारकों से मंजूरी मांगी गई है। कंपनी ने पिछली फाइनेंशियल ईयर की कुछ मैनेजेरियल सैलरी की रिकवरी को माफ करने का मुद्दा भी उठाया है।
Larsen & Toubro के साथ ट्रांजेक्शन
निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि Larsen & Toubro के साथ होने वाले संबंधित पक्ष के ट्रांजेक्शंस (related-party transactions) में किस तरह के बदलाव किए गए हैं।
अब आगे क्या?
वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी M/s. MAKS & Co. के Ankush Agrawal कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें फाइनल वोटिंग नतीजों की फाइलिंग पर हैं। इससे यह साफ हो जाएगा कि फंड जुटाने और उधार लेने जैसे विशेष प्रस्तावों को शेयरधारकों का कितना समर्थन मिला है।
