DreamFolks Services का FY26 का रेवेन्यू घटकर **₹661 करोड़** रह गया है। कंपनी डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज बिजनेस से हटकर एक लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म बनने की कोशिश कर रही है, साथ ही उस पर **₹11.4 करोड़** की दिवालिया याचिका का संकट भी मंडरा रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,292 करोड़ से घटकर ₹661 करोड़ पर आ गया है। वहीं, एडजस्टेड EBITDA भी ₹1,021 करोड़ से लुढ़ककर ₹25 करोड़ रह गया है। इसका बड़ा कारण बैंकों द्वारा एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियमों में किया गया बदलाव है, जिससे डोमेस्टिक बिजनेस पर असर पड़ा है।
नई रणनीति की ओर कदम
कंपनी अब सिर्फ एयरपोर्ट लाउंज तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसने 20+ नई सर्विसेज जैसे गोल्फ, वेलनेस और हाईवे डाइनिंग में हाथ आजमाया है। अच्छी बात यह है कि इंटरनेशनल लाउंज ट्रांजैक्शन में साल-दर-साल 140% की ग्रोथ देखी गई है। कंपनी ने रेलवे लाउंज में उतरने के लिए Ten11 Hospitality में 50.01% हिस्सेदारी खरीदी है और दुबई की easy to travel (ETT) को भी खरीदने की तैयारी में है।
कानूनी पचड़ा
कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती NCLT की है। Travel Food Services Limited ने ₹11.4 करोड़ के कथित भुगतान में डिफॉल्ट को लेकर दिवालिया याचिका (Insolvency Petition) दायर की है। हालांकि, DreamFolks ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे कानूनी रूप से चुनौती दी है।
आगे निवेशकों को कंपनी के नए बिजनेस सेगमेंट की ग्रोथ और कानूनी विवाद के समाधान पर बारीक नजर रखनी होगी।
