DreamFolks Services के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **₹1,291.9 करोड़** से घटकर **₹660.6 करोड़** पर आ गया है। इसकी मुख्य वजह डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस मॉडल में आया बड़ा बदलाव है, जिसके बाद अब कंपनी रेलवे लाउंज, इंटरनेशनल विस्तार और B2C प्लेटफॉर्म 'DreamFolks Club 2.0' पर फोकस कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹6,606 मिलियन (पिछले साल ₹12,919 मिलियन) रहा, वहीं एडजस्टेड EBITDA में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो ₹1,021 मिलियन से गिरकर महज ₹250 मिलियन रह गया है।
क्यों आया ये बदलाव?
एयरपोर्ट लाउंज इंडस्ट्री में आए 'स्ट्रक्चरल रिसेट' ने कंपनी के पुराने बिजनेस मॉडल को प्रभावित किया है। अब बैंक और कार्ड नेटवर्क अनलिमिटेड एक्सेस के बजाय स्पेंड-बेस्ड एक्सेस दे रहे हैं। चेयरपर्सन लिबेराथा पीटर कलट ने बताया कि कंपनी अब रिस्क कम करने के लिए पुराने मॉडल पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रणनीति पूरी तरह बदल रही है।
रिकवरी के लिए तीन नए पिलर
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: नवंबर 2025 में 'Ten11 Hospitality' के अधिग्रहण के बाद कंपनी अब मुंबई, चेन्नई और वड़ोदरा जैसे शहरों में प्रीमियम रेलवे लाउंज को कंट्रोल कर रही है।
- ग्लोबल विस्तार: दुबई स्थित 'easy to travel' (ETT) में 60.24% हिस्सेदारी खरीदकर कंपनी मिडिल ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया में अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
- B2C में एंट्री: 'DreamFolks Club 2.0' के लॉन्च के साथ कंपनी सीधे ग्राहकों (Direct-to-consumer) तक पहुंच बना रही है, ताकि बैंक पार्टनरशिप पर निर्भरता कम की जा सके।
आगे क्या है रिस्क?
सबसे बड़ा चैलेंज इन नए एसेट्स का इंटीग्रेशन और B2C ब्रांड को स्केल करना है। हालांकि इंटरनेशनल लाउंज ट्रांजैक्शन में 140% की बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन कंपनी के नए रेवेन्यू इंजन को रफ्तार पकड़ने में अभी वक्त लगेगा। निवेशकों को अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 18वीं AGM पर नजर रखनी चाहिए।
