DiGiSPICE Technologies ने **FY 2025-26** के लिए जबरदस्त वापसी की है। कंपनी **₹19.26 करोड़** के नेट प्रॉफिट के साथ मुनाफे में आ गई है और अब **22 सितंबर, 2026** को अपनी 38वीं AGM आयोजित करने जा रही है।
मुनाफे में वापसी और स्ट्रैटेजिक बदलाव
कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹38.89 करोड़ के घाटे को पीछे छोड़ते हुए इस बार ₹19.26 करोड़ का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है। कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹464.65 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसके पीछे क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन का 2.7 गुना बढ़ना मुख्य कारण रहा है।
नई राह: क्रेडिट और इंश्योरेंस पर जोर
DiGiSPICE अब सिर्फ कैश-आउट (AePS) सर्विस पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी का नया लक्ष्य 'फाइनेंशियल सर्विसेज ब्रांच नेटवर्क' बनना है। इसके तहत:
- क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस ₹540 करोड़ तक पहुंच गया है।
- गोल्ड लोन का पोर्टफोलियो 3 गुना बढ़कर ₹334 करोड़ हो गया है।
- 17 लाख से अधिक एजेंटों वाले नेटवर्क का इस्तेमाल अब इंश्योरेंस और EMI कलेक्शन जैसे अधिक मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए किया जा रहा है।
AGM की मुख्य बातें
22 सितंबर, 2026 को होने वाली 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कुछ बड़े फैसलों पर मुहर लगेगी:
- पंकज अरोड़ा को होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करना।
- पूर्व डायरेक्टर रोहित आहूजा के लिए ₹63.25 लाख का एक्स-ग्रेशिया पेमेंट।
- दिलीप मोदी की फिर से नियुक्ति।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
हालांकि कंपनी मुनाफे में है, लेकिन AePS इंडस्ट्री में रेगुलेटरी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी का 'Spice Money Adhikari' नेटवर्क बेसिक कैश ट्रांजैक्शन से आगे बढ़कर नए फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को तेजी से अपना पाता है या नहीं।
