Danlaw Technologies के FY26 नतीजे आ गए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹22.99 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन R&D और विस्तार पर फोकस के चलते बोर्ड ने डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Danlaw Technologies India Ltd ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹261.96 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹218.38 करोड़ के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹18.92 करोड़ से बढ़कर ₹22.99 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का बेसिक EPS भी ₹35.85 से बढ़कर ₹47.20 हो गया है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
इतने अच्छे नतीजों के बावजूद बोर्ड ने डिविडेंड न देने का निर्णय लिया है। इसके पीछे मुख्य वजह कंपनी का भविष्य के लिए आक्रामक निवेश प्लान है। मैनेजमेंट अपनी ऑटोमोटिव टेक और इलेक्ट्रिक व्हीकल कनेक्टिविटी जैसे सेक्टर्स में R&D और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर पूरा पैसा लगा रही है।
AGM और अन्य बड़े बदलाव
कंपनी अपनी 33वीं AGM का आयोजन 24 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेगी। इस बैठक में पल्लवी दांडू की डायरेक्टर के रूप में रेगुलरेशन और शिरीष शांताराम फल की पुनर्नियुक्ति पर वोटिंग होगी। इसके अलावा, M/s. Sagar & Associates को ₹2.12 लाख के मेहनताने पर कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा।
निवेश का रिस्क
निवेशकों को कंपनी के कैपिटल एलोकेशन पर नजर रखनी चाहिए। डिविडेंड न देकर कंपनी अपने मुनाफे को बिजनेस में दोबारा लगा रही है, जो कि भविष्य के लिए बड़ा दांव है। हालांकि, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और सेमीकंडक्टर इनिशिएटिव्स में एग्जीक्यूशन रिस्क अभी भी बना हुआ है।
