Cura Technologies ने **28 सितंबर, 2026** के लिए अपनी 35वीं AGM की तारीख तय कर दी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹148.45 लाख** हो गया है, जबकि कंपनी पर 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी कारोबार जारी रखने को लेकर गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
बिगड़ती वित्तीय सेहत और अनिश्चितता
Cura Technologies की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का नेट लॉस पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹66.30 लाख से बढ़कर अब ₹148.45 लाख पर पहुंच गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कंपनी ने ₹83.49 लाख का ऑपरेशनल रेवेन्यू जेनरेट किया है, जबकि पिछले साल यह शून्य था। लेकिन बढ़ते घाटे ने कंपनी के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी के सामने 'गोइंग कंसर्न' यानी भविष्य में कारोबार जारी रखने को लेकर भारी अनिश्चितता है। आंकड़ों की बात करें तो कंपनी की कुल करंट लायबिलिटीज (Current Liabilities) ₹1,068.59 लाख हैं, जबकि करंट एसेट्स केवल ₹396.86 लाख हैं। यानी कंपनी के पास ₹671.73 लाख का लिक्विडिटी गैप है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और अन्य रिस्क
ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज पर कई सवाल खड़े किए हैं:
- लेगेसी लायबिलिटीज: पुरानी स्कीम के तहत कुछ ऐसी देनदारियां हैं जिनका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।
- ऑडिट ट्रेल में खामी: कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर पूरे साल अनिवार्य 'ऑडिट ट्रेल' (Edit Log) को मेंटेन करने में विफल रहा।
- NSE पेनल्टी: फाइलिंग में देरी के कारण कंपनी को ₹50,000 प्लस GST का जुर्माना भरना पड़ा है।
आगे क्या होगा?
हाल ही में कंपनी ने Saraswathula Sivaramakrishna Mohan Babu को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। अब निवेशकों की नजरें 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 35वीं AGM पर टिकी हैं, जहां बोर्ड से वर्किंग कैपिटल और पुरानी लायबिलिटीज को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी।
