Capillary Technologies को KPMG की फाइनल फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें कंपनी की चेक रिपब्लिक स्थित सब्सिडियरी में **€3.04 मिलियन** (करीब **€30 लाख**) की पेमेंट फ्रॉड की पुष्टि हुई है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का सिस्टम हैक नहीं हुआ था, बल्कि धोखाधड़ी का तरीका 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'इम्परसोनेशन' था।
फ्रॉड की सच्चाई क्या है?
KPMG की जांच रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी का इंटरनल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित है। न तो कोई मैलवेयर मिला है और न ही कंपनी के मेलबॉक्स हैक किए गए थे। यह सारा खेल जून 2026 के आखिर और जुलाई 2026 की शुरुआत में हुए 4 ट्रांजेक्शन के जरिए खेला गया। धोखेबाजों ने कंपनी के अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों का रूप धरकर पेमेंट को हांगकांग और सिंगापुर के खातों में डायवर्ट कर दिया।
कमियां कहां रह गईं?
रिपोर्ट के मुताबिक, धोखेबाजों ने व्हाट्सएप और पर्सनल ईमेल का इस्तेमाल करके कंपनी के कर्मचारियों पर दबाव बनाया। इससे कंपनी की ट्रेजरी अप्रूवल और बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन प्रोसेस की कमजोरियां सामने आई हैं। पैसे ZZDJB CO Limited (HSBC हांगकांग) और Zhongxian Trading Pte Ltd (UOB सिंगापुर) के खातों में ट्रांसफर किए गए थे।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट अब इन रिपोर्ट सिफारिशों पर काम कर रहा है ताकि इंटरनल वेरिफिकेशन प्रोसेस को और सख्त बनाया जा सके। हालांकि, डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल की आशंका अभी भी पूरी तरह खारिज नहीं की गई है, क्योंकि ऑडिट टीम की पहुंच निजी मोबाइल उपकरणों तक सीमित थी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी इन पैसों को वापस रिकवर कर पाएगी और ट्रेजरी प्रोटोकॉल में क्या बड़े बदलाव किए जाते हैं।
