Capillary Technologies India Ltd ने अपने एक विदेशी सबसिडियरी में **€3.0 मिलियन** (लगभग ₹26 करोड़) के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। कंपनी **€0.45 मिलियन** (लगभग ₹4 करोड़) की रिकवरी कर चुकी है, लेकिन अंतिम नुकसान अभी तय नहीं है।
Capillary Technologies में साइबर फ्रॉड का खुलासा
Capillary Technologies India Ltd ने हाल ही में अपने निवेशकों को एक बड़ी जानकारी दी है। कंपनी के एक विदेशी सबसिडियरी में €3.0 मिलियन (लगभग ₹26 करोड़) का एक बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। यह फ्रॉड बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाकर किया गया था।
कैसे हुआ फ्रॉड और कितनी हुई रिकवरी?
कंपनी ने बताया कि फ्रॉड करने वालों ने एडवांस डीप-फेक टेक्नोलॉजी, वॉयस क्लोनिंग, सिग्नेचर की जालसाजी और सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया। इसके जरिए उन्होंने मैनेजमेंट के अहम लोगों (KMPs) का रूप धारण कर लिया था। कंपनी ने तुरंत एक्शन लेते हुए €0.45 मिलियन (लगभग ₹4 करोड़) की रिकवरी कर ली है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
हालांकि कंपनी ने यह साफ किया है कि इस फ्रॉड से किसी भी ग्राहक के डेटा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही कंपनी के ऑपरेशन्स पर कोई असर पड़ा है। लेकिन €3.0 मिलियन की कुल धोखाधड़ी और €0.45 मिलियन की रिकवरी के बाद, कंपनी को कितना नेट फाइनेंशियल नुकसान होगा, इसका अभी पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। यह अनिश्चितता निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
आगे क्या?
Capillary Technologies India Ltd इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर क्राइम अथॉरिटीज के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी के पास इस सबसिडियरी के लिए साइबर और क्राइम इंश्योरेंस पॉलिसी भी है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस घटना का कंपनी के लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी अब पूरी रिकवरी और नेट फाइनेंशियल इंपैक्ट को फाइनल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
