Cambridge Technology का वित्तीय वर्ष 2026 का सफर
Cambridge Technology Enterprises Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने FY26 में ₹0.4766 करोड़ (यानी करीब ₹48 लाख) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹48.0621 करोड़ के भारी-भरकम कंसोलिडेटेड नेट लॉस की तुलना में एक बड़ा उलटफेर (turnaround) है।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (revenue from operations) में गिरावट देखी गई है। FY26 में यह ₹181.0251 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹198.9211 करोड़ से कम है।
अकाउंटिंग बदलाव का खेल
कंपनी के मुनाफे में इस बड़े उछाल के पीछे एक खास वजह है - इनटैंगिबल एसेट्स (intangible assets) यानी सॉफ्टवेयर के उपयोगी जीवन (useful life) को लेकर अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव। कंपनी ने इसे 5 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया है। इस बदलाव के कारण FY26 में एमोर्टाइजेशन एक्सपेंस (amortization expense) ₹3.7067 करोड़ कम हो गया, जिसने सीधे तौर पर कंपनी के मुनाफे को बढ़ाया है।
विदेशी यूनिट्स का पुनर्गठन
कंपनी कॉर्पोरेट लेवल पर भी बड़े बदलाव कर रही है। इसके तहत, कंपनी मलेशिया की CT Asia SDN. BHD. में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने वाली है। इसके अलावा, Appshark Software Inc. (USA) को शेयर स्वैप (share swap) के जरिए Cambridge Technology Inc. (USA) में ट्रांसफर किया जाएगा। साथ ही, Cambridge Innovation Capital LLC (USA) का Cambridge Technology Inc. (USA) में विलय (merger) किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
निवेशकों के लिए मुनाफे में वापसी एक अहम खबर है। लेकिन, यह समझना जरूरी है कि इस मुनाफे में अकाउंटिंग पॉलिसी के बदलाव का कितना बड़ा योगदान है। कंपनी अपने ओवरसीज ऑपरेशंस को बेहतर बनाने और लागत कम करने के लिए जो पुनर्गठन कर रही है, वह मैनेजमेंट के फोकस को दर्शाता है।
बोर्ड में भी बदलाव
कंपनी के बोर्ड में भी कुछ फेरबदल हुए हैं। श्री श्रीनिवास मेडेपल्ली (Mr. Sreenivas Medepalli) ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि श्री विवेक कुमार सिंह (Mr. Vivek Kumar Singh) को अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
NSE का जुर्माना
एक छोटी सी चूक के कारण, Cambridge Technology Enterprises को NSE (National Stock Exchange) से ₹54,280 का जुर्माना भी भरना पड़ा है। यह जुर्माना शेयरधारिता पैटर्न (shareholding patterns) की समय पर जानकारी न देने के कारण लगाया गया था।
