CL Educate ने FY26 के नतीजों में **53%** की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹548.1 करोड़** तक पहुंच गई है। DEXIT Global के विलय से कंपनी का ऑपरेशंस तो मजबूत हुआ है, लेकिन कर्ज और डेप्रिसिएशन के चलते कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹26 करोड़** हो गया है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर मजबूत प्रदर्शन
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी व्यस्त रहा, जिसमें DEXIT Global के इंटीग्रेशन के बाद ऑपरेशंस ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का EBITDA 113% उछलकर ₹69.4 करोड़ पर आ गया है, और मार्जिन्स में 330 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है। ऑपरेशंस से कैश फ्लो में 383% का भारी उछाल आया है, जो ₹79.1 करोड़ तक पहुंच गया है। यह संकेत है कि कंपनी के पास अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए काफी नकदी उपलब्ध है।
क्यों बढ़ रहा है कंपनी का घाटा?
इतनी अच्छी सेल्स के बावजूद बॉटम लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है। नेट लॉस का ₹26 करोड़ तक पहुंचना मुख्य रूप से DEXIT के अधिग्रहण के लिए लिए गए लोन पर चुकाए जा रहे ब्याज (Finance Costs) और डेप्रिसिएशन का नतीजा है। कंपनी अब EdTech के कुछ सेगमेंट से बाहर निकलकर असेसमेंट-आधारित सर्विसेज पर अपना पूरा फोकस कर रही है।
भविष्य की रणनीति और रिस्क
अब कंपनी 'One CL' प्लेटफॉर्म के तहत 'AI-फर्स्ट' बिजनेस मॉडल की तरफ शिफ्ट हो रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले तीन सालों में कंपनी को 'जीरो नेट डेट' (Zero Net Debt) बनाना है। फिलहाल कर्ज कम करने पर जोर होने के कारण कंपनी ने कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपने कैश फ्लो का सही इस्तेमाल करके कर्ज के बोझ को कम करने में कामयाब हो पाती है या नहीं।
