Brightcom Group के FY26 के नतीजे
Brightcom Group ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,928.06 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹5,146.67 करोड़ की तुलना में 34.6% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट (PAT) ₹962.33 करोड़ रहा, जिसमें 35.5% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी की कमाई प्रति शेयर (EPS) ₹4.77 रही।
ऑडिटर की रिपोर्ट से खड़ा हुआ सवाल
हालांकि, कंपनी के नतीजे भले ही शानदार दिख रहे हों, लेकिन स्टेट्यूटरी ऑडिटर P R Chandra & Co की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। ऑडिटर ने कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है। ऑडिटर को FY15 से FY22 तक के खातों की SEBI द्वारा की जा रही जांच के कारण ओपनिंग और क्लोजिंग बैलेंस की पुष्टि करने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा, ₹168.87 करोड़ के M/s Vuchi Media Private Limited में निवेश के इम्पेयरमेंट (Impairment) पर कोई प्रोविजन (Provision) नहीं बनाया गया है। साथ ही, रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा विदेशी ब्रांच CPA कन्फर्मेशन पर निर्भर है, जिस पर ऑडिटर ने सवाल उठाए हैं।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है ये खबर?
ऑडिटर की ये रिपोर्ट बताती है कि कंपनी के नतीजे भले ही ग्रोथ दिखा रहे हों, लेकिन खातों की पारदर्शिता और भरोसे पर सवाल उठ रहे हैं। SEBI की जांच और सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में लंबित अपील निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकती है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Brightcom Group एक AdTech कंपनी है और हाल ही में इसने डिफेंस टेक्नोलॉजी में भी कदम रखा है। यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब कंपनी अपनी पुरानी अकाउंटिंग प्रैक्टिस को लेकर SEBI की जांच के दायरे में है।
आगे क्या?
निवेशकों को SEBI की जांच और SAT में कंपनी की अपीलों के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। कंपनी नए सेक्टर्स में ग्रोथ की बात कर रही है, लेकिन ऑडिटर की चिंताओं और रेगुलेटरी मामलों का समाधान कंपनी के भविष्य के वैल्यूएशन के लिए बेहद जरूरी होगा।
