Billionbrains Garage Ventures के लिए Q2 मिला-जुला रहा। जहां एक तरफ AI में भारी निवेश और टेक्निकल चार्ज के कारण 'कॉस्ट टू सर्व' (Cost to Serve) बढ़ गया है, वहीं कंपनी का Margin Trade Funding (MTF) बुक लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
Q2 में क्या बदला?
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर FY27 की दूसरी तिमाही के अपडेट में खर्चों के स्ट्रक्चर में बदलाव के संकेत दिए हैं। IPL की ब्रांडिंग पर होने वाले खर्च में कमी आई है, लेकिन AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते वॉल्यूम के कारण ऑपरेशनल खर्चों में इजाफा हुआ है। एक्सायरी (Expiry) वाले दिन प्रोसेसिंग में देरी के चलते कंपनी को ₹10 करोड़ से ₹13 करोड़ का वन-टाइम टेक्निकल चार्ज झेलना पड़ा है।
MTF और Wealth मैनेजमेंट में दम
कंपनी का Margin Trade Funding (MTF) बुक हर तिमाही में ₹600-700 करोड़ की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसके अलावा, कंपनी का वेल्थ मैनेजमेंट वर्टिकल 'Groww Prime' सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिसे इस तिमाही में लगभग 30 IPO पाइपलाइन का बड़ा सहारा मिला है।
भविष्य की रणनीति और रिस्क
निवेशक अब यह देख रहे हैं कि कंपनी अपने इन-हाउस AI स्टैक के खर्चों को मार्जिन के साथ कैसे संतुलित करती है। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि टेक्नोलॉजी स्केलिंग के साथ कर्मचारी खर्च भी भविष्य में बढ़ सकते हैं। वहीं, US स्टॉक्स की बीटा टेस्टिंग अभी शुरुआती चरण में है। साथ ही, SEBI के सर्कुलर और UPI फ्रेमवर्क में होने वाले किसी भी बदलाव पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि इनका असर सीधे डेरिवेटिव सेगमेंट पर पड़ सकता है।
