BPL Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 निराशाजनक रहा है। कंपनी ने मुनाफे से घाटे की ओर कदम बढ़ाते हुए **₹828.29 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि ऑडिटर ने भी कंपनी की देनदारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भारी घाटे की असल वजह
BPL Ltd ने इस साल अपनी परफॉरमेंस में बड़ी गिरावट दर्ज की है। पिछले साल कंपनी ने ₹40.77 लाख का मुनाफा कमाया था, जो इस बार बढ़ते फाइनेंस कॉस्ट की वजह से ₹828.29 लाख के शुद्ध घाटे (Net Loss) में बदल गया है। कंपनी की 62वीं एनुअल जनरल मीटिंग 25 सितंबर, 2026 को प्रस्तावित है।
ऑडिटर की चेतावनी
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है। मुख्य चिंता का विषय ₹169.59 करोड़ के प्रेफरेंस शेयर हैं, जिनका रिडेम्पशन अगस्त 2019 से पेंडिंग है। यह कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर और भविष्य के कैश फ्लो पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
बिजनेस ऑपरेशन्स का हाल
- PCB मैन्युफैक्चरिंग: कंपनी का कोर बिजनेस संभला हुआ है। PCB डिवीजन ने 19% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है, जिसमें 200 से ज्यादा ग्राहक शामिल हैं।
- ब्रांड लाइसेंसिंग: इस सेगमेंट में कंपनी को तगड़ा झटका लगा है। Q1 FY26-27 में इसका रेवेन्यू 43% घटकर ₹293.49 लाख रह गया है।
- मैनेजमेंट का विजन: कंपनी अब AI-इनेबल्ड प्रोडक्शन और हाई-लेयर PCB पर फोकस कर रही है ताकि डोमेस्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।
लीगल और गवर्नेंस अपडेट
कंपनी ने हाल ही में एक इनसॉल्वेंसी केस से राहत पाई है, जिसे NCLT ने 8 जुलाई, 2026 को खारिज कर दिया था। हालांकि, अभी भी कई आर्बिट्रल अवार्ड्स और कानूनी मामले पेंडिंग हैं। बोर्ड में श्रीमती अंजू चंद्रशेखर को डायरेक्टर के रूप में दोबारा नियुक्त किया गया है।
