Aurionpro Solutions ने **16%** की शानदार ग्रोथ के साथ **₹415 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी AI और डेटा सेंटर में बड़े निवेश कर रही है, जिसके चलते कर्ज बढ़कर **₹150 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन मैनेजमेंट को दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने इस तिमाही में 16% की सालाना और तिमाही दर तिमाही (QoQ) ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का EBITDA ₹71 करोड़ रहा, जो 17.2% का मार्जिन दर्शाता है, जबकि कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹50 करोड़ रहा है। कंपनी के पास अभी ₹2,000 करोड़ से भी बड़ी ऑर्डर बुक मौजूद है।
क्यों खास है यह प्रदर्शन?
Aurionpro Solutions अब खुद को AI-नेटिव आर्किटेक्चर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी का मानना है कि डेटा सेंटर सेगमेंट में इस साल 70% से 80% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। R&D पर हुआ भारी खर्च अब लगभग पूरा हो चुका है, जिससे कंपनी को दूसरी छमाही (H2) में बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी मिलने की उम्मीद है।
कर्ज और कैश का दबाव
कंपनी पर कुल कर्ज मार्च के ₹50 करोड़ से बढ़कर अब ₹150 करोड़ हो गया है, जबकि कैश रिजर्व ₹83 करोड़ है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के कारण हुआ है क्योंकि कंपनी बड़े डेटा सेंटर कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम कर रही है। इसे कोई बड़ा स्ट्रक्चरल रिस्क नहीं माना जा रहा है।
अब आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी के H2 कन्वर्जन टारगेट्स पर नजर रखनी होगी। मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही के लिए OCF से EBITDA कन्वर्जन को 60% से 70% तक रखने का लक्ष्य रखा है। यह टारगेट पूरा करना कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने और लंबी अवधि के मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए बेहद अहम होगा।
