Aurionpro Solutions ने दूसरी तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल **₹358 करोड़** से बढ़कर **₹415 करोड़** हो गया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट **₹55.85 करोड़** से गिरकर **₹50.20 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
कंपनी की टॉप-लाइन ग्रोथ तो शानदार रही है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ देखा जा सकता है। इसका मुख्य कारण सॉफ्टवेयर सर्विस और मटेरियल की लागत में हुई भारी बढ़ोतरी है। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹362.37 करोड़ हो गया है। इसमें भी 'कॉस्ट ऑफ मटेरियल, सॉफ्टवेयर और सर्विसेज' लगभग दोगुनी होकर ₹199.22 करोड़ पर पहुंच गई, जिसने मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कंपनी का कामकाज और अपडेट्स
- रेवेन्यू की स्थिति: कंपनी का रेवेन्यू ₹414.98 करोड़ रहा है। वहीं, छमाही (Half-year) आधार पर कंपनी ने ₹773.05 करोड़ का रेवेन्यू और ₹95.24 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।
- लेबर कोड बदलाव: नए लेबर कोड्स के चलते कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 से अपने कर्मचारियों के कंपनसेशन स्ट्रक्चर में बदलाव किए हैं।
- डिविडेंड: कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड सफलतापूर्वक बांट दिया है, जिसका भुगतान 6 अक्टूबर 2026 को किया गया था।
आगे की राह
ऑडिटर्स ने नतीजों पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दिया है, जो रिपोर्टिंग में पारदर्शिता को दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये बढ़ते खर्च आने वाली तिमाहियों में भी मार्जिन पर दबाव बनाएंगे, या कंपनी की सर्विस कॉस्ट एडजस्टमेंट के बाद मार्जिन फिर से पटरी पर लौट आएंगे।
