Ace Alpha Tech ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **55.55%** बढ़कर **₹2,677.98 लाख** और नेट प्रॉफिट **35.74%** बढ़कर **₹1,519.83 लाख** पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने नए CFO के रूप में तेजेंद्र सिंह की नियुक्ति की है और प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग के कारोबार में कदम रखा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
Ace Alpha Tech ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। कंपनी का रेवेन्यू 55.55% की ग्रोथ के साथ ₹2,677.98 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 35.74% उछलकर ₹1,519.83 लाख पर पहुंच गया।
बिज़नेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी अब सिर्फ एक टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर नहीं रही। अपने विजन को विस्तार देते हुए, Ace Alpha Tech ने अब 'प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग' (Proprietary Trading) के क्षेत्र में एंट्री की है। इस नए बिजनेस सेगमेंट के लिए कंपनी ने अपने ऑब्जेक्टिव्स में बदलाव किया है, ताकि क्वांटिटेटिव स्ट्रैटेजीज का लाभ उठाया जा सके। अच्छी बात यह है कि कंपनी का बैलेंस शीट अभी भी 'डेट-फ्री' है, जो इस नए कारोबार को स्केल करने में मदद करेगा।
लीडरशिप में बदलाव
ऑपरेशन्स में इन बदलावों के बीच कंपनी ने मैनेजमेंट लेवल पर फेरबदल किया है। गौरव शर्मा अब कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बने रहेंगे, जबकि तेजेंद्र सिंह को नया CFO नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
- मार्केट रिस्क: प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग में उतरने का मतलब है कि कंपनी अब सीधे मार्केट की उतार-चढ़ाव (Volatility) के प्रति संवेदनशील है। ट्रेडिंग में नुकसान की संभावना भी बनी रहती है।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर: नई इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को स्केल करने में लगातार खर्च होगा, जिसका असर आने वाली तिमाहियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
बता दें कि कंपनी 3 जुलाई, 2025 को ₹69 के इश्यू प्राइस पर BSE SME एक्सचेंज पर लिस्ट हुई थी। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि नई ट्रेडिंग डेस्क कंपनी की कुल कमाई में कितना योगदान दे पाती है।
